Email kya hai aur Email address kya hota hai?

नमस्कार दोस्तों, blogseva.com पर आपका स्वागत है। आज मैं आपको बताऊँगा कि Email kya hai, email id kya hai और email address kya hota hai?

खत का इस्तेमाल कई सदियों से चल आ रहा है। पहले लोग कबूतरों के द्वारा सन्देश भिजवाते थे, फिर fax, postman और अब email के ज़रिए।

आजकल email हर जगह काम आने लगा है। इसे सरकारी कागजों में दर्ज किया जाता है, phone नंबर के साथ link किया जाता है, driving license बनाने के लिए email की ज़रूरत है, यहाँ तक कि आपको नया phone खोलने के लिए भी email की ज़रूरत है नहीं तो वह नहीं खुलेगा।

बच्चे से लेकर बड़ा, अब सबके पास email होना बहुत ज़रूरी हो गया है।

इसलिए जैसे ज़्यादा से ज़्यादा लोग फ़ोन और internet से जुड़ते जा रहे हैं, उनके लिए यह समझना जरूरी है कि email kya hai, email address kya hota hai, email kaise banaye आदि।

आपको email भेजने के लिए सिर्फ एक computer/phone और इंटरनेट की ज़रूरत है।

Email kya hai और email के बारे में सब कुछ जानने के लिए इस post को अंत तक ज़रूर पढ़ें। और अगर आपका कोई भी सवाल हो तो आप हमें comment box में पूछ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि email kya hai।


Email kya hai?

Email kya hai

Email kya hai?

Email(electronic mail) internet के ज़रिए भेजे जाने वाला पत्र होता है। इसके जरिये आप दूसरों को electronic सन्देश दे सकते हैं और साथ में file, image, video, document आदि भी attatch कर सकते हैं। इतनी जानकारी एक साथ भेजना इतिहास में पहले कभी संभव नहीं था पर अब इसे email के ज़रिए free में आसानी से कर सकते हैं वो भी कुछ seconds में।

जी हाँ, email को पहुँचने में 2-3 second ही लगते हैं। किसी को email भेजने के लिए आप दोनों के पास email address होना ज़रूरी है वैसे ही जैसे चिट्ठी में घर का पता लिखना ज़रूरी है।

एक चिट्ठी लिखते समय आप उसपर प्राप्त करने वाले का पता(Address), सन्देश और भेजने वाले का नाम(Sender) लिखते हैं।

ठीक उसी तरह email में प्राप्त करने वाले का email address, सन्देश और भेजने वाले का नाम लिखते हैं। फिर send दबाकर email भेज देते हैं। Send का चिन्ह right arrow जैसा दिखता है। आजकल भेजने वाले का नाम लिखना नहीं पड़ता, उसपर पहले से ही आपका नाम होता है। Email kya hai जानने के बाद, अब पढ़ते हैं email address kya hota hai।

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Email address kya hota hai?

Email address kya hota hai
Email address kya hota hai?

Email address kya hota hai?

एक Email account के पते को email address कहते हैं। यह सबको free में मिलता है। यह email id के नाम से भी जाना जाता है।

यह आपकी पहचान है। जैसे आपका नंबर, आपका घर आपकी पहचान है वैसे ही email address भी आपकी पहचान है। इसे याद रखना ज़रूरी है।

एक email address के 3 हिस्से होते हैं-

  1. पहले में आप अपना नाम लिख सकते हैं या कोई भी नंबर भर सकते हैं। इसे username कहते हैं।
  2. दूसरे हिस्से में कंपनी का नाम होता है। इसे domain name भी कहते हैं।
  3. इन दोनों हिस्सों के बीच में “@” लगता है।

जैसे blogseva@gmail.com मेरा email address है। Blogseva मैंने खुद से रखा है और gmail.com कंपनी की तरफ से है।

सभी email कंपनियों का email address अलग होता है। दुनिया में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय email company है gmail। इसके इलावा हैं yahoo, outlook आदि।

Email address रखने के कुछ नियम होते हैं जैसे-

  1. Username 64 characters(अक्षर) से लंबा नहीं होना चाहिए और domain name 254 characters से लंबा नहीं होना चाहिए।
  2. Email address में एक ही @ होना चाहिए। 
  3. आप इन special characters का इस्तेमाल कर सकते हैं, पर उसे शुरू में या अंत में नहीं लगा सकते, न दो special characters को इकठ्ठे लिख सकते हैं। यह हैं- ! $ % & ‘ * + – / = ? ^ _ ` { |
  4. आप इन special characters का इस्तेमाल नहीं कर सकते। यह हैं- ” ( ) , : ; < > [ \ ]

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Email History

Email का पहला उदाहरण MIT University के computers में पाया जा सकता हैं जहाँ बच्चे message लिखकर छोड़ देते थे और दूसरे दिन जो computer on करता था उसको वह message दिखता था। 

यह message दूसरे computer पर नहीं जा सकता था क्योंकि उस समय network का आविष्कार नहीं हुआ था।

जल्द ही US के defense विभाग ने 1969 में network का आविष्कार किया जिसे ARPANET का नाम दिया गया।29th October 1969 को पहला message एक computer से दूसरे computer पर भेजा गया।

1971 में Ray Tomlinson ने email system की खोज की और खुद को पहला email भेजा “QWERTYUIOP“।

इसके बाद भी यह problem आ रही थी कि computer को कैसे पता चले कि कौन से computer पर email भेजना है। 

इसके लिए “@” का उपयोग हुआ और आज तक होता आ रहा है।

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Email features

Email का फायदा

Email आने की वजह से दूसरे इंसान तक संदेश पहुँचाना बहुत आसान हो गया। धीरे-धीरे यह इंसान की पहचान बनने लगा और आज दुनिया के आधे लोग email से जुड़े हुए हैं।

भारत में 80% लोग Gmail इस्तेमाल करते हैं, जो पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा है।

आइए जानते हैं email के फायदे-

  1. Speed– यह email का सबसे बड़ा फायदा है कि email चुटकियों में पहुँच जाती है। पहले एक चिट्ठी को पहुँचने में 8-10 दिन लगते थे पर अब आप किसी को call करते हुए उसको email भेज सकते हैं और पूछ सकते हैं, “email आई कि नहीं।”
  1. Comfort– चिट्ठी भेजने के लिए पहले postcard पर लिखो, फिर mail box में जाकर डालो, फिर कई दिनों का इंतज़ार करो, पर अब email बिस्तर पर लेटे-लेटे ही भेज सकते हैं।
  1. Storage– एक छोटे से कागज़ के पन्ने पर पहले बड़े सोच विचार करके लिखना पड़ता था और साथ में कागज़ात भेजना होता था तो उसके पैसे अलग लगते थे। पर अब जितना मर्ज़ी बड़ा सन्देश लिखो और साथ में photo, video या file भी भेजो। आप 25mb का ही data भेज सकते हैं।
  1. Record– Email account में एक-एक email का record रहता है जिससे आप 1 साल पहले भेजे email के समय को आज भी देख सकते हैं।
  1. Free– पहले चिट्ठी भेजने के लिए postcard खरीदना पड़ता था, फिर stamp खरीदनी पड़ती थी पर अब email free में जा सकती है।
  1. Security– चिट्ठी भेजते समय कोई privacy नहीं होती थी, कोई भी पढ़ सकता था, यह नहीं पता होता था कि वह कभी पहुँचेगी भी या नहीं। पर अब ऐसा नहीं होता।

Email का नुकसान

  1. लोग धीरे-धीरे internet और email से जुड़ रहे हैं पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अभी भी चिट्ठी का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए पत्रकार को थोड़ी ही चिट्ठी बाँटनी पड़ती है जिससे उनका घर मुश्किल से चल पाता है।
  1. Email के लिए internet की ज़रूरत पड़ती है। जब internet धीरे चलता है तब email भेजने में दिक्कत आती है।
  1. Email में 25mb से बड़ी files नहीं भेज सकते, न कोई physical चीज़ भेज सकते हैं, जैसे पहले चिट्ठी के envelop में राखी भेज दिया करते थे।
  1. Email के ज़रिए .exe format की file नहीं भेज सकते।

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Attatchments

Email में कुछ attatch करने के लिए आप paper clip जैसे चिन्ह पर click करें। आप email मैं इस तरह की file भेज सकते हैं-

Email के ज़रिए हम text message तो भेज ही सकते हैं साथ ही साथ pictures, video, audio, word processor file, program, link, zip file आदि भी भेज सकते हैं। 

पर कुछ चीज़े ऐसी हैं जो restricted हैं, जिन्हें भेजा नहीं जा सकता जैसे .exe type file जिसको कुछ companies block करती हैं इसलिए हमें उसे एक zip file में convert करके भेजना पड़ता है।

साथ में हम 25mb से बड़ी file भी email के ज़रिए नहीं भेज सकते, इसके लिए भी हमें file को compress करना पड़ता है।


Alternate email

Alternate email कभी-कभी form भरते हुए काम आ जाता है, यह वह email account होता है जो आपके main account के इलावा होता है मतलब आपका दूसरा email account।

आजकल कई लोग 2 email account रखते हैं। 

इसका फायदा यह है कि-

  1. आप दोनों emails अलग- अलग काम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं एक personal/ निजी काम के लिए और एक professional/बाहरी काम के लिए।
  2. Gmail एक email में 15gb storage देता है, आप दो emails बनाके 30gb storage पा सकते हैं।
  3. आप alternate email को अपनी main email के लिए recovery email रख सकते हो जिससे अगर आप password भूल जाएँ तो दूसरी की मदद से खोल पाएँ।

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Email format

Email format

एक email भेजना सिर्फ सन्देश पहुँचाना ही नहीं है, उसके साथ बहुत technical terms होते हैं जिन्हें जानना और सही तरह से इस्तेमाल करना ज़रूरी है।

जिनके आगे * लगा है उन्हें लिखना ज़रूरी होता है।

  1. To *: इसमें आपको उस आदमी का email address लिखना होता है जिसको email भेजनी है।
  2. From *: यहाँ आपका email address आएगा। यह पहले से ही आपके email address से भरा होता है।
  3. Subject: यह आपके email का विषय है, जिसमें आप email भेजने का इरादा बताएँगे।
  4. Cc: अगर आप किसी दूसरे आदमी को भी यही email भेजना चाहते हैं तो उसका email address यहाँ लिखेंगे। Cc इस्तेमाल करने से दोनों आदमियों को पता चल जाएगा कि आपने यह email किसी और को भी भेजी है।
  5. Bcc: Bcc भी Cc की तरह है बस दूसरे आदमी को पता नहीं लगेगा कि आपने यह email किसी और को भी भेजी है।
  6. Compose email *: यहाँ आप अपना सन्देश लिखेंगे।
  7. Reply: जब आपके पास कोई email आए और आपको उस email को जवाब देना हो तो Reply इस्तेमाल कर सकते हैं।

Email kaise banaye?

अगर आप gmail में अपना email account बनाना चाहते हैं तो-

एक नया Gmail account बनाने के लिए आपको “new gmail account” search करना पड़ेगा। 

  • वहाँ आपको दिखेगा “Create your Google account“, उस पर click करें।
  • आगे आपसे आपका नाम, username और password पूछा जाएगा। 

Username आप कुछ भी रख सकते हैं, यही आपका email address है। 

अगर “username taken” जैसा कुछ दिखता है इसका मतलब आपको कोई दूसरा username सोचना होगा।

Password ऐसा रखिये जिसको आप आसानी से भूल न सकें और उसको सिर्फ अपने तक ही रखें, किसी को न बताएँ।

  • इसके बाद वह आपसे आपका phone नंबर मांगेंगे जिस पर एक code आएगा। वह code आपको भरना है फिर आपसे जन्मदिन और लिंग पूछा जाएगा।
  • और आपका Gmail account तैयार है।

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Best email services

यह सबसे अच्छे email services हैं जहाँ आप अपना email account खोल सकते हैं। ज़्यादातर लोगों ने इनको फायदेमंद पाया, इसलिए यह लोकप्रिय हो गए।

Gmail: Gmail best free email service है, दुनिया के ¼ लोग इसे ही इस्तेमाल करते हैं। यह जालसाजी(fraud) emails को खुद ही block कर देता है।

Yahoo! Mail: Yahoo! Mail 1TB की storage प्रदान करता है जो किसी भी अन्य email service से बहुत- बहुत ज़्यादा है।

Outlook: Outlook दुनिया की पहली email service है जिसे एक भारतीय सबीर भाटिया ने 1996 में बनाया था। शुरू में इसका नाम hotmail था और microsoft ने इसे 1997 में 2800 करोड़ में खरीद लिया था।

ProtonMail: ProtonMail MIT university के वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई है। इसको बनाते समय आपको अपनी निजी जानकारी देने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

Zoho Mail: Zoho mail एक safe email service है जो ज़्यादातर company में इस्तेमाल होती है। अब देखते हैं आपने email kya hai के बारे में क्या जाना?


निष्कर्ष (Conclusion)

मैं उम्मीद करता हूँ आपको मेरा लेख पसन्द आया होगा और समझ आ गया होगा कि email kya hai और email address kya hota hai

अगर आपका कोई भी सवाल है तो आप उसे नीचे comment box में पूछ सकते हैं और अपना experience हमारे साथ share कर सकते हैं कि आपको email kya hai aur email kaise banaye समझ आया या नहीं।

अगर आपको यह लेख पसंद आया या आपको लगता है कि किसी और को यह जानने की ज़रूरत है कि email kya hai, तो उसे यह लेख ज़रूर share करें

अगर आप किसी विषय पर लेख चाहते हैं तो वह भी आप नीचे लिख सकते हैं।

अगली बार तक के लिए अलविदा।

धन्यवाद…।

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