DNS kya hai? What is DNS in hindi?

नमस्कार दोस्तों, blogseva.com पर आपका स्वागत है। आज मैं आपको बताऊँगा कि DNS kya hota hai। 

Dns हमें एक site तक पहुँचने में मदद करता है। यह रोज़ हमारी life easy बनाता है।

पर कई बार dns की problems की वजह से हमारी site नहीं चल पाती इसलिए इसके basics समझना जरूरी है।और मैं वादा करता हूँ कि आपको इस article से simple और कोई नहीं समझा सकता।

तो मैं आज आपको बताऊँगा कि DNS kya hai, इसकी working, इसके problems और solutions।

अच्छे से समझने के लिए इस article को अंत तक ज़रूर पढ़ें। dns kya hai।


DNS kya hai?

dns kya hai

DNS के काफी नाम हैं, Domain Name System, Domain Name Server या  Domain Name System Server। 

पर सबका process एक ही है- एक ip address को domain name की मदद से खोजना।

सरल भाषा में:

अगर हमें किसी इंसान को call करना होता है तो हम phonebook में उसका नाम देखते हैं फिर उसके सामने लिखे number पर call करते हैं।

वैसे ही जब हम internet पर कोई domain (eg. amazon.com) search करते हैं तो वह internet पर अपने IP address को खोजता है, जब IP address मिल जाता है तो वह उस site की सारी info हमें दिखाता है।

यह सब होता है Dns की मदद से, इसलिए इसे internet की phonebook भी कहा जाता है।

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Dns working

Internet पर जुड़ी हर चीज़ का एक IP address होता है, laptop, phone, computer, printer, website, youtube video आदि।

IP address numbers का एक combination होता है, जैसे, 157.158.458.756 ।

अब अगर आपको एक website पर जाना हो तो आप इसे याद नहीं रख सकते, पर computer को तो यही numbers समझ आते हैं।

इसलिए यहाँ dns काम आता है। आप internet पर website का नाम लिखते हैं, फिर dns उस नाम को पूरे internet पर ढूँढता है। जब उसे name मिल जाता है, तो वह उसके साथ जुड़े IP address से आपके लिए data ले आता है।

फिर आपको website show होती है। कमाल की बात है यह सब कुछ milliseconds में ही हो जाता है।

इसका detail process:

  1. जैसे ही आप एक domain name (amazon.com) search करते हैं, तो आपका computer उसे अपनी memory में खोजता है, शायद आपने उस website को पहले भी search किया हो।
  2. अगर आप पहली बार search कर रहे हैं तो आपकी search internet में expand हो जाती है। वह dns के पास जाती है, अगर पहले dns में नहीं मिलता तो अगले में। (Total 13 dns हैं)
  3. जिस dns को domain name मिल जाता है, वह उसके IP address को उसी रास्ते से आपके पास भेजता है। 
  4. जब आपके computer तक वह IP address पहुँच जाता है, तो website खुल जाती है।
  5. उस website का data आपके computer के अंदर cache memory बनके store हो जाता है ताकि अगली बार फिरसे न ढूँढना पड़े।
  6. यह process कुछ milliseconds में पूरा हो जाता है।

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Dns history

लगभग 40 साल पहले जब Internet नया- नया बना था तब उसका size बहुत छोटा था, जिसकी वजह से उस time में लोग आराम से IP Addresses याद कर लेते थे। 

लेकिन time के साथ websites और network की संख्या बढ़ने लगी, जिससे IP Addresses याद करना मुश्किल हो गया। 

इसके लिए एक American scientist, Paul Mockapetris ने 1980 में Domain Name System का अविष्कार किया।

यह system 13 dns main servers और लाखों small servers का network है। जिनकी मदद से IP Address याद रखने की जरुरत नहीं पड़ती।

आज internet पर 1200 petabytes data है। Internet बहुत सारे computers का एक बड़ा network बन गया है जो underwater sea cables से connected हैं।

Dns system की वजह से हम किसी भी IP address तक चुटकियों में पहुँच सकते हैं और data retrieve के सकते हैं।

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IP address

IP address की fullform है Internet Protocol address। हर ip address unique होता है।

IP address दो तरीके के होते हैं-

  1. IPv4: यह 4 groups का set होता है जिनकी value (0-255) होती है और इनके बीच में “.” लगता है। जैसे- 157.158.458.756
  1. IPv6: जब internet पर data इतना हो गया कि numbers की कमी होने लगी तो इस IP address को लाया गया। 

यह 8 groups का set होता है जिनमें numbers और alphabets इस्तेमाल करते हैं, और इनके बीच “:” लगाया जाता है।

जैसे- 2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e:0370:7334


Domain Name

domain name

Domain name एक website का नाम होता है। जैसे, blogseva.com, flipkart.com, snapdeal.com आदि।

Domain Name बहुत प्रकार के हैं, जैसे : 

  1. .com (commercial)
  2. .net (network)
  3. .org (organisation)
  4. .gov (government)
  5. .edu (education)
  6. .info (information)
  7. .in (India)

एक website बनाते समय domain name, hosting और blogging platform की ज़रूरत पड़ती है।

Hosting paid होती है और domain name ज़्यादतर पहले साल के लिए free होता है। Hosting और domain आप hostinger, hostgator, bluehost, bigrock आदि से ले सकते हैं। 

Domain name खरीदते समय ध्यान रखें-

  • उसके पीछे .com लगा हो क्योंकि वह सबसे popular होता है। उसके बिना भी चलेगा।
  • Unique और one word domain name लें।
  • अपने topic से मिलता जुलता domain name लें।

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Dns problems

एक बड़ी website पर अगर dns problem आ जाए और website down हो जाये तो revenue में बड़ा नुकसान हो सकता है।

इसलिए site को हमेशा up रखना ज़रूरी है।

कुछ dns problems हैं-

  • Site पर slow updates होते हैं।
  • Site की speed slow हो जाती है और multiple failures होने लगते हैं जिनको detect करना मुश्किल होता है।
  • Articles high rank नहीं हो पाते क्योंकि speed slow ही रहती है।

Fixing problems

Dns issues

  1. Check domain registration: यह check करें कि आपकी domain registration up to date है और expire नहीं हुई।
  1. Check nameservers: Check करें कि आपका domain सही namerserver से जुड़ा हुआ है।

ज़्यादतर यह problem तब आती है जब hosting change करी गयी हो। सही namerserver देखने के लिए अपनी hosting service check करें।

  1. Wait for changes: कई बार Dns servers धीरे काम करते हैं और settings को change होने में 24-48 घण्टे लगते हैं। इसलिए wait करें।
  1. Check TCP/IP setting: Computer के control panel में जाएँ > Manage network connections > Local Area connections > Properties > IPv4 and IPv6 properties। 

यहाँ options set करें “Obtain an IP address automatically” और “Obtain dns servers address automatically

  1. Flush dns cache: “Start” button select करें, फिर “cmd“ type करें। Right-click Command Prompt > Run as Administrator > उसमें “ipconfig /flushdnstype करें फिर Enter press करदें।

Connectivity issues

कभी- कभी web browsers “dns issue” show करते हैं जबकि सिर्फ connectivity issues होते हैं जिनको आसानी से ठीक किया जा सकता है।

  1. Check cables and connection: Check करें कि सारी wires connected हैं और plugged in हैं।
  1. Reboot router: Router को 1 minute के लिए बंद करें जब तक उसकी lights off नहीं हो जाती। फिर router को on करें।
  1. Malware scan: कभी- कभी virus internet connection को block कर देता है इसलिए सबसे पहले उससे deal करें।

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Tools and resources

हम कुछ tools की मदद से अपनी problem diagnose कर सकते हैं।

IntoDNS: यह एक free tool है जो dns records और issues को scan करता है और एक detailed report तैयार करता है जिससे चुटकियों में problem solve की जा सकती है।

Network Tools: यह site के साथ domain और hosting को भी check करता है।

OpenDNS’ Cache check: यह tool openDNS servers से site check करता है जो हमारी internet experience को fast बनाता है।


Conclusion

मैं उम्मीद करता हूँ आपको समझ आ गया होगा कि dns kya hota hai dns kya hai।

अगर आपको यह article “dns kya hai” पसन्द आया और आपका कोई दोस्त है जिसे dns issue आ रहा है तो इसे ज़रूर share करें। 

अगर आपका कोई doubt है तो उसे नीचे comment box में पूछ सकते हैं। 

अगली बार तक के लिये अलविदा।

धन्यवाद…।

Dns kya hai और dns kya hota hai पढ़ने के लिए शुक्रिया।

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